
टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी मामले में कोटा से तीन संदग्धि गिरफ्तार, साजिश के पहलू की जांच जारी
वठक ठी६२
मुंबई, 20 अक्टूबर (वार्ता) मुंबई पुलिस ने जुहू में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई गोलबारी के मामले में तीन संदग्धिों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इसके पीछे कैलिफोर्निया से जुड़ा कोई ‘कॉन्ट्रैक्ट’ (सुपारी) दी गयी थी और क्या उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। बताया जा रहा है कि इन संदग्धिों को राजस्थान के कोटा में एक ट्रेन से पकड़ा गया। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रेलवे कॉलोनी पुलिस थाने में रात भर रखा गया, जहां मुंबई अपराध शाखा और राजस्थान पुलिस की टीमें तैनात थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई पुलिस ने पहले आरोपियों को रात में ही मुंबई लाने की योजना बनाई थी लेकिन बाद में योजना बदल दी थी। नयी योजना के तहत, संदग्धिों को मुंबई ले जाए जाने तक कोटा में ही रखा गया।
मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, कथित हमलावरों को इस काम को अंजाम देने के लिए करीब 34,000 रुपये देने और विदेश में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। यह भी दावा किया गया है कि पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने ट्रेन के सफर के दौरान तीन बार अपना हुलिया बदला, जिसमें बाल कटवाना भी शामिल है।
कैलिफोर्निया से हालांक कथित संबंध, दी गई रकम और विदेश में नौकरी दिलाने के वादे से जुड़े दावों की जांच एजेंसियों ने स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
मुंबई अपराध शाखा कथित साजिश, हथियारों के स्रोत, संदग्धिों की गतिविधियों और अन्य लोगों की संभावित संलप्तिता की जांच कर रही है। इस मामले से जुड़ी खबरों में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। जांचकर्ता कथित धमकी भरी ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह असली है या नहीं और उसका गोलीबारी की घटना से कोई संबंध है या नहीं।
गौरतलब है कि यह घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा नर्सी पार्क के पास हुई, जब मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की। अभिनेता तो बाल-बाल बच गए लेकिन उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति को गोली लग गई।
इस घटना के बाद, पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जाँच मुंबई अपराध शाखा को सौंप दी। हमलावरों का पता लगाने के लिए पुलिस की 15 टीमें बनाई गईं, जबकि हमले से पहले और बाद की उनकी गतिविधियों को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों की जाँच की गई।
ऑनलाइन चल रहे दावों के बाद जांचकर्ता लॉरेंस बश्निोई गिरोह के साथ संभावित संबंध की भी जांच कर रहे हैं। हालांकि गिरोह से जुड़े होने के इन दावों और हमले के पीछे के मकसद की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। आगे की जांच चल रही है।




