
- एएमयू इंतजामिया ने एएमयू कोर्ट चुनाव कराने को दी मंजूरी
- एएमयू कोर्ट चुनाव के लिए प्रो. जावेद चुनाव अधिकारी नियुक्त
- एएमयू कोर्ट में भी होगी एएमयू छात्र छात्राओं की पूरी भागीदारी
- एएमयू कोर्ट में 11 छात्रों प्रतिनिधि अलग अलग विभाग से चुने जाएंगे
- विवि की नीतियों और फैसलों में अहम होगा छात्रों का सुझाव-सलाह
अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विवि छात्र संघ के अलावा अब छात्रों का प्रतिनिधित्व एएमयू कोर्ट में भी होगा। एएमयू इंतजामिया ने सोमवार को एएमयू कोर्ट चुनाव कराने की मंजूरी दे दी। चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब को नियुक्त किया गया है। यह चुनाव भी छात्रसंघ चुनाव के साथ ही किया जाएगा।
अलीगढ़ मुस्लिम विवि में छात्रों का आंदोलन रंग ला रहा है। एएमयू इंतजामिया ने छात्रसंघ चुनाव के साथ साथ एएमयू कोर्ट चुनाव कराने को भी मंजूरी दे दी है। छात्रसंघ चुनाव की तरह ही एएमयू कोर्ट का चुनाव वर्ष 2018 से नहीं कराया गया है। सोमवार को छात्र हित में एएमयू वीसी द्वारा इसकी मंजूरी दी गई। छात्रसंघ चुनाव के साथ ही एएमयू कोर्ट का चुनाव कराया जाएगा। जिसमें अलग अलग विभागों से 11 छात्रों का चयन वोटिंग के आधार पर किया जाएगा। एएमयू कोर्ट में चयनित छात्रों का सुझाव और सलाह बेहद अहम होगा।
वीसी के पैनल में होगी अहम भूमिका
एएमयू कोर्ट के लिए चयनित छात्र छात्राओं की भूमिका वीसी पैनल भी महत्वपूर्ण होगी। विवि कुलपति के चयन में इनका वोट भी मान्य किया जाएगा। इसके अलावा छात्र प्रतिनिधि विश्वविद्यालय की कोर्ट की बैठकों में छात्रों के मुद्दों, उनकी समस्याओं और अकादमिक हितों को मजबूती से रख सकेंगे। एएमयू कोर्ट ही विश्वविद्यालय की नीतियों और महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाता है।

एएमयू कोर्ट के चुनाव की पूरी प्रक्रिया
एएमयू कोर्ट में कुल लगभग 193 सदस्य होते हैं, जिनमें विभिन्न श्रेणियों से सदस्य चुनकर या नामित होकर आते हैं। इसमें चांसलर, प्रो-चांसलर, वाइस- चांसलर, प्रोफेसर, शिक्षक, डोनर्स (जिन्होंने निर्धारित राशि दान की हो), और 11 छात्र प्रतिनिधि शामिल होते हैं। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार डोनर्स की श्रेणी से भी प्रतिनिधि चुने जाते हैं, जिनका कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।





